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स्वास्थ्य ही धन है अनुच्छेद लेखन |
Answer» स्वास्थ्य को सबसे बड़ाधन माना गया है । बीमार धनीहोने की अपेक्षा स्वस्थ गरीबहोना अधिक अच्छा है । बीमारव्यक्ति धन एवं सुख-सुविधाओंका उपभोग नहीं कर सकता ।उसे अपना जीवन भार लगनेलगता है । स्वस्थ व्यक्ति बहुतमस्ती में जीता है । उसके मन-मस्तिष्क में उमंग और प्रसन्नताछायी रहती है । वह जिसकार्य को करता है, पूरे उत्साहसे करता है । इसीलिए कहागया है कि स्वास्थ्य ही धन है ।अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रयत्नकरना मनुष्य का दायित्व है ।इसके लिए व्यायाम, योगासनतथा स्वस्थ दिनचर्या काअभ्यास जरूरी होता है ।व्यक्ति को अपने खान-पानका भी उचित ध्यान रखनाचाहिए । मस्तिष्क में सकारा-त्मक सोच रखनी चाहिए ।स्वस्थ रहकर ईश्वर-प्रदत्तउपहारों का लाभ उठानाचाहिए । स्वास्थ्य रूपी धनकी हर कीमत पर रक्षा कीजानी चाहिए । कहा भी गयाहै-‘ एक तंदुरुस्ती हजारनियामत ‘ । अच्छा स्वास्थ्यही जीवन के सारे सुखों काआधार है ।Hope It's HELPFUL,Because It's My Knowledge.Plz❤️ |
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