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ससंदर्भ स्पष्टीकरण कीजिए :‘इसलिए हमारा यह धर्म है कि हमारी आत्मा हमें जो कहे, उसके अनुसार हम करें।’

Answer»

प्रसंग : प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य गौरव’ के ‘कर्त्तव्य और सत्यता’ नामक पाठ से लिया गया है जिसके लेखक डॉ. श्यामसुन्दर दास हैं।
संदर्भ : लेखक ने धर्म और आत्मा के बारे में कहा है कि हमारी आत्मा जो कहती है उसका पालन करना ही हमारा धर्म है।
स्पष्टीकरण : लेखक धर्म और आत्मा के बारे में कहते हैं कि हमारी आत्मा हमें जो कहती है, वही कार्य करना हमारा धर्म है। हमारा मन बड़ा विलक्षण है। यह हमें बुरे कर्म करने से रोकता है। चोरी करने के पश्चात् हमारा मन हमें पश्चाताप के लिए मजबूर करता है। बुरा कर्म करनेवाला लज्जित हो जाता है।



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