Saved Bookmarks
| 1. |
ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए:कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढे बन मांहि।ऐसे घटि घटि राम हैं, दुनिया देखै नांहि॥ |
|
Answer» प्रसंग : प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘कबीरदास के दोहे’ से लिया गया है। इसके रचयिता कबीरदास हैं। |
|