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सरकारी बजट में राजकोषीय घाटा की अवधारणा समझाइए इससे क्या पता चलता है? 

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राजकोषीय घाटे का संबंध सरकार के राजस्व तथा पूँजीगत दोनों प्रकार के व्ययों तथा राजस्व और उधार छोड़कर बाकी पूँजीगत प्राप्तियों से है। अन्य शब्दों में, राजकोषीय घाटा कुल व्यय (राजस्व व्यय + पूँजीगत व्यय) और उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियों का अंतर है।
सूत्र के रूप में,
राजकोषीय घाटा = कुल व्यय (राजस्व व्यय + पूँजीगत व्यय) – उधार छोड़कर कुल प्राप्तियाँ

अथवा

राजस्व घाटा + पूँजीगत व्यय – उधार छोड़कर पूँजीगत प्राप्तियाँ

अथवा उधार/ऋण
राजकोषीय घाटा सरकार द्वारा आवश्यक उधारों का अनुमान है। राजकोषीय घाटे का अधिक होना इस बात का प्रतीक है कि सरकार को अधिक ऋण लेना पड़ेगा।



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