1.

सरकारी बजट घाटे से आप क्या समझते हैं?

Answer»

बजट घाटे से अभिप्राय उस स्थिति से है जिसमें सरकार का बजट व्यय सरकार की बजट प्राप्तियों से अधिक होता है। दूसरे शब्दों में बजट घाटा सरकार के कुल व्यय की कुल प्राप्तियों पर आधिकता है।भारत सरकार के बजट से संबंधित मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन प्रकार के बजट घाटा हैं|
1. राजस्व घाटा
2. राजकोषीय घाटा
3. प्राथमिक घाटा

(i) वित्त व्यवस्था – इससे अभिप्राय सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से ट्रेजरी बिल के बदले उधार लेना है। केंद्रीय बैंक इन बिलों को नए नोट देकर सरकार से खरीदता है। इन करेंसी नोटों द्वारा घाटे की वित्त व्यवस्था की जाती है। इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि होती है। अतः बजट के घाटे की वित्त अवस्था के रूप में घाटे की वित्त व्यवस्था की प्रायः सिफारिश नहीं की जाती है यदि अर्थव्यवस्था में पहले से ही मुद्रा स्फीति की दर अधिक है।
(ii) जनता से उधार लेकर – सरकार विभिन्न प्रकार के बाँण्ड जनता को जारी करके उनसे ऋण लेती है। इससे ब्याज के भुगतान का भार सरकार पर पड़ता है। इसे ‘सार्वजनिक ऋण पर ब्याज’ कहा जाता है।
(iii) विनिवेश – जब सरकार सार्वजनिक क्षेत्र तथा संयुक्त क्षेत्र के उद्यमों के अपने शेयरों को बेचने का निर्णय लेती है तो इसे विनिवेश कहते हैं।



Discussion

No Comment Found