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संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख उपलब्धियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। या संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व शान्ति के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» संयुक्त राष्ट्र संघ की उपलब्धियाँ संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व की एक महत्त्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है। इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं— 1. फिलिस्तीन की समस्या– सन् 1947 ई० में फिलिस्तीन की समस्या उत्पन्न हुई। संघ ने इस समस्या के समाधान के लिए एक आयोग नियुक्त किया, जिसने अरबों तथा यहूदियों के मध्य देश के विभाजन | का प्रस्ताव रखा। यहूदियों ने स्वतन्त्र फिलिस्तीन की घोषणा कर दी, किन्तु अरबों ने वहाँ अपनी मुक्ति सेना भेज दी। संघ के प्रयासों से उस समय वहाँ युद्धविराम हो गया था, परन्तु वर्तमान में यह समस्या पुन: उत्पन्न हो गयी है। 2. इण्डोनेशिया की समस्या– सन् 1947 ई० में जावा, सुमात्रा आदि डच उपनिवेशों के क्रान्तिकारियों ने अपने देश को स्वतन्त्र कराने के लिए एक सशस्त्र क्रान्ति कर दी। भारत आदि देशों ने इस क्रान्ति का समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसमें हस्तक्षेप करके युद्धविराम कराया तथा सन् 1949 ई० में इण्डोनेशिया तथा हॉलैण्ड का एक संघ बनाया। इण्डोनेशिया इस संघ का स्वतन्त्र सदस्य बन गया। 3. कश्मीर की समस्या– सन् 1948 ई० में पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण किया, परन्तु संघ के पर्यवेक्षकों की देख-रेख में कुछ समय उपरान्त ही युद्धविराम हो गया। इसी प्रकार 1965 ई० तथा 1971 ई० में पाकिस्तानी आक्रमणों के समय भी संघ ने युद्धविराम कराया तथा पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या के स्थायी हल का प्रयास किया। 4. कोरिया की समस्या– सन् 1945 ई० से 1953 ई० तक कोरिया की समस्या के समाधान में संघ ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। सन् 1950 ई० में उत्तरी कोरिया ने दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण कर दिया, लेकिन संघ ने हस्तक्षेप करके इनमें युद्धविराम करा दिया। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ की उल्लेखनीय 5. हिन्दचीन की समस्या– हिन्दचीन (वियतनाम) में युद्धविराम कराने के लिए सन् 1954 ई० में जेनेवा में एक सम्मेलन हुआ, जिसमें दोनों पक्षों से युद्धविराम करने की अपील की गयी। इस अपील पर युद्धविराम हो गया तथा वहाँ पर शान्ति स्थापित हुई। 6. कांगो की समस्या– सन् 1962 ई० में कांगो-कटंगा संघर्ष की समस्या भी संघ के समक्ष प्रस्तुत हुई। संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रयास करके गृहयुद्ध को समाप्त कर दिया और वहाँ पर शान्ति स्थापित करने में सफलता प्राप्त की। 7. मिस्र की समस्या- सन् 1956 ई० में स्वेज नहर के विवाद ने महायुद्ध का रूप धारण कर लिया, क्योंकि मिस्र ने इस पर अधिकार कर लिया था। परिणामतः फ्रांस, ब्रिटेन तथा इजराइल ने मिलकर मिस्र पर आक्रमण कर दिया। संघ के हस्तक्षेप से वहाँ भी युद्धविराम हो गया और शान्ति स्थापित कराने में सफलता प्राप्त की जा सकी। 8. क्यूबा की समस्या- 20 अक्टूबर, 1962 ई० को संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्यूबा की नाकेबन्दी कर दी, क्योंकि रूस अपने जलपोत तथा प्रक्षेपास्त्र इस देश में भेजना चाहता था। इस स्थिति में संघ ने अपना हस्तक्षेप कर इस क्षेत्र में शान्ति स्थापित की। 9. चेकोस्लोवाकिया संकट- (1968-93 ई०)–सोवियत संघ और वार्सा पैक्ट के अन्य देशों ने चेकोस्लोवाकिया में सैनिक हस्तक्षेप करके विश्व-शान्ति के लिए भीषण संकट उपस्थित कर दिया। सुरक्षा परिषद् ने एक प्रस्ताव पारित्र करके चेकोस्लोवाकिया में विदेशी हस्तक्षेप रोकने का प्रयास किया, परन्तु उसका यह प्रयास विफल रहा। सन् 1992 ई० में सुरक्षा परिषद् ने चेकोस्लोवाकिया संकट को दूर करने के लिए पुनः हस्तक्षेप किया। 1 जनवरी, 1993 ई० को चेक एवं स्लोवाक संघीय 10. सोमालिया की समस्या (1993 ई०)-अफ्रीकी देश सोमालिया अनेक वर्षों से गृह-युद्ध का शिकार । था। सन् 1991 ई० में राष्ट्रपति मोहम्मद सैयद के अपदस्थ होने के बाद गृह-युद्ध में तेजी आ गयी और हजारों लोग मरने लगे। इस हत्याकाण्ड को रोकने के लिए संघ के आदेश पर 1700 अमेरिकी सैनिक सोमालिया पहुँचे। जनवरी, 1993 ई० में सोमालिया में शान्ति स्थापित हो गयी। 11. अन्य उपलब्धियाँ– संयुक्त राष्ट्र संघ की उपर्युक्त सफलताओं के अतिरिक्त कुछ अन्य उपलब्धियाँ
इसमें सन्देह नहीं कि अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा को बनाये रखने में संयुक्त राष्ट्र संघ ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है। फिर भी हम संयुक्त राष्ट्र संघ को एक आदर्श संस्था के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि इस संस्था में महाशक्तियों के प्रभुत्व का बोलबाला है। वर्ष 2003 की अन्तर्राष्ट्रीय घटनाएँ सिद्ध करती हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ केवल वाद-विवाद के आधार पर युद्ध को कुछ समय तक के लिए टाल भर सकता है। वह ऐसी किसी भी समस्या का निराकरण करने में अक्षम है, जिसमें महाशक्तियों का स्वार्थ उलझा हुआ हो। खाड़ी युद्ध के पूर्व का घटनाक्रम इस तथ्य की पुष्टि करता है। |
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