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संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्यों एवं सिद्धान्तों का विवेचन कीजिए।यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई थी ? इसकी स्थापना के क्या कारण थे ?यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना क्यों की गयीं ? इसकी विशिष्ट संस्थाओं का वर्णन कीजिए।यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब और कहाँ हुई थी ? इसकी स्थापना के क्या उद्देश्य थे ?यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के क्या-उद्देश्य थे ?यासंयुक्त राष्ट्र संघ के किन्हीं तीन सिद्धान्त का उल्लेख कीजिए।यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई?,इसकी स्थापना के क्या उद्देश्य थे? उनमें से किन्हीं दों को लिखिए।यासंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना क्यों की गई इसके प्रमुख सिद्धान्तों का उल्लेख कीजिए।

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द्वितीय विश्वयुद्ध के भयंकर विनाशकारी – परिणामों को देखकर विश्व के राजनीतिज्ञों ने मानव-जाति को समूल विनाश से बचाने के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था की स्थापना को अनिवार्य समझा। इसी उद्देश्य से 24 अक्टूबर, 1945 ई० में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गयी। इसीलिए इस तिथि को संयुक्त राष्ट्र संघ का आधिकारिक जन्मदिन भी माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र को अन्तिम रूप देने के लिए संयुक्त राष्ट्रों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस) का एक सम्मेलन सैनफ्रांसिस्को में 15 अप्रैल से 26 जून, 1945 ई० तक सम्पन्न हुआ। 26जून, 1945 ई० को 50 देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर दिये। पोलैण्ड को प्रतिनिधि किसी कारण से उपस्थित न हो सका। . अत: पोलैण्ड ने बाद में हस्ताक्षर किये। इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रारम्भिक सदस्य 51 देश थे। 1 मार्च, 2007 ई० तक संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों की संख्या 193 तक पहुँच गयी है। 10 फरवरी, 1946 ई० को लन्दन के वेस्टमिन्स्टर हाल में इसका पहला अधिवेशन 15 फरवरी, 1946 ई० तक चला। बाद में इसका स्थायी सचिवालय न्यूयॉर्क में स्थापित किया गया।

उददेश्य

संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र (चार्टर) के अनुच्छेद-1 में संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया है, जिनका विवरण निम्नलिखित है

  • अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा की स्थापना करना।
  • युद्धों की रोकथाम करना।
  • आक्रमणकारी राष्ट्र के विरुद्ध सामूहिक रूप से सैनिक कार्यवाही करना।
  • अन्तर्राष्ट्रीय विवादों तथा समस्याओं को शान्तिपूर्ण तरीकों से हल करना।
  • अन्तर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले राष्ट्रों के विरुद्ध कार्यवाही करना।
  • आत्मनिर्णय के आधार पर राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों को प्रोत्साहन देना।
  • मानव अधिकारों तथा मानव की मौलिक स्वतन्त्रताओं की रक्षा के उपाय करना।
  • विभिन्न राष्ट्रों को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में संसाधन तथा सेवाएँ उपलब्ध कराना।

सिद्धान्त

संयुक्त राष्ट्र संघ के कुछ आधारभूत सिद्धान्त हैं। संघ के सदस्य राष्ट्रों को इन सिद्धान्तों का पालन करना पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र के अनुच्छेद-2 में इनका वर्णन किया गया है। ये सिद्धान्त निम्नलिखित हैं

  • विश्व के सभी राष्ट्र सम्प्रभुतासम्पन्न और समान हैं।
  • सभी सदस्य राष्ट्र चार्टर के अनुसार अपने कर्तव्यों तथा उत्तरदायित्वों का सद्भावनापूर्वक पालन | करेंगे।
  • सभी सदस्य देश अपने विवादों का निपटारा शान्तिपूर्ण तरीकों से करेंगे।
  • सदस्य राष्ट्र किसी अन्य राष्ट्र को आक्रमण की धमकी नहीं देंगे और न ही उसके प्रति शक्ति का प्रयोग करेंगे।
  • सदस्य राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रत्येक कार्यवाही में अपना पूरा सहयोग देंगे तथा अशान्ति उत्पन्न | करने वाले देश को कोई सहायता नहीं देंगे।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व-शान्ति और सुरक्षा के अतिरिक्त किसी राष्ट्र के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।


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