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संतो देखत जग बौराना। पागलसाँच कहौं तो मारन धावै, झूठे जग पतियाना।।नेमी देखा धरमी देखा, प्रात करै असनाना।आतम मारि पखानहि पूजै, उनमें कछु नहिं ज्ञाना।।भाव सौंदर्य एवं शिल्प सौंदर्य लिखिए |
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Answer» Answer: I don't WANT to answer because Explanation: I don't know hindi . .And I cant Understand it EVEN though I want to help you |
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