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संचयी आवृत्ति वितरण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। |
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Answer» चल की किंमत और वर्ग की आवृत्ति और उससे आगे के सभी मूल्यों की वर्गों के आवृत्तियों के योग को संचयी आवृत्ति (cf) कहते हैं और उसके वितरण को संचयी आवृत्ति वितरण कहते हैं। संक्षेप में आवृत्ति वितरण के कोई भी वर्ग की संचयी आवृत्ति अर्थात् ऊपर के वर्गों की आवृत्तियों का योग असतत आवृत्ति वितरण पर से असतत (खंडित) संचयी आवृत्ति वितरण और अखंडित आवृत्ति वितरण पर से अखंडित संचयी आवृत्ति वितरण प्राप्त कर सकते है। इस प्रकार के संचयी आवृत्ति वितरण को ‘से कम’ प्रकार का संचयी आवृत्ति वितरण (Less than Cumulative Frequency) कहते है। इसी प्रकार चल की निश्चित से अधिक किंमत रखनेवाले अवलोकनों की संख्या को “से अधिक” प्रकार का संचयी आवृत्ति (More than Cumulative Frequency) कहते है । सतत (अखंडित) चर का कोई भी वर्ग का अधःसीमा बिन्दु से अधिक किंमत रखनेवाले कुल अवलोकनों को ‘से अधिक’ प्रकार की संचयी आवृत्ति कहते है । |
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