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संचालन के सिद्धांतों का महत्त्व समझाइए । |
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Answer» संचालन के सिद्धांतों का महत्त्व निम्न है : (1) कार्यक्षमता में वृद्धि : संचालन के सिद्धांत संचालकों को विविध प्रकार की परिस्थितियों में किस तरह कार्य करना इस हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है । जिसके द्वारा धन्धाकीय इकाई की कार्य पद्धति में सुधार आता है तथा इससे संचालकीय कार्यक्षमता में वृद्धि दिखाई देती है । (2) संसाधनों का महत्तम उपयोग तथा प्रभावशाली प्रशासन : संचालन के सिद्धान्तो के माध्यम से संसाधनों का महत्तम उपयोग करना अनिवार्य है । संसाधनों का संचालन के सिद्धान्तों द्वारा इस तरह उपयोग करना कि जिससे कम से कम खर्च पर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं । संचालन के सिद्धान्त संचालकों को उनके द्वारा लिये जानेवाले निर्णय, कार्यों का कारण और असर देखने के लिए अवसर देते है, जिससे प्रयत्न तथा भूल से होनेवाले नुकसान को रोका जा सकता है । (3) वैज्ञानिक तथा तार्किक निर्णयों के लिए उपयोगी : संचालन के सिद्धान्त संचालकों को योग्य निर्णय लेने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका. (4) बदलती हुई परिस्थितियों के अनुरूप धन्धाकीय पर्यावरण का सामना करने में उपयोगी : संचालन के सिद्धान्त सामान्यत: मार्गदर्शिका ही है, परन्तु बदलती हुई परिस्थिति में बदलता हुआ धन्धाकीय पर्यावरण का सामना करने के लिए संचालन के सिद्धांतों की आवश्यकता रहती है । (5) सामाजिक जिम्मेदारी निभाना : धंधा यह समाज का अभिन्न अंग है । लाभ को धंधे का एक उद्देश्य माना जाता है, परन्तु एक मात्र उद्देश्य नहीं, समाज का विकास तथा उन्नती यह भी धन्धाकीय इकाई का उद्देश्य है । संचालन के सिद्धांतो के प्रभावशाली अमल से धन्धाकीय इकाई सरलता से सामाजिक दायित्व का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं । (6) संशोधन, प्रशिक्षण तथा विकास में सहायक : संचालन के सिद्धांतो के उपयोग द्वारा ही प्रशिक्षण, शिक्षण तथा विकास का कार्य सफल होता है । जैसे कि, अब विभिन्न धन्धाकीय इकाइयों में भर्ती के लिए अभिरूचि कसौटी ली जाती है । इन अभिचि कसौटी को संशोधन से तैयार किया जाता है तथा संचालन के सिद्धांतो के अमल द्वारा इनका उपयोग करके योग्य कर्मचारी की नियुक्ति की जाती है । |
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