1.

समय का महतव बातते हुए अपने भाई को पत्र लिखे।

Answer»

234 विकासनगर,

नयी दिल्ली - 24

दिनांकः 24/11/2018

प्रिय  भाई रजनीश

सप्रेम नमस्कार,

मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ और भगवान से तुम्हारी कुशलता की कामना करता हूँ . कल ही मुझे तुम्हारे मित्र  का पत्र मिला ,जिसे पढ़कर मुझे बहुत दुःख हुआ कि तुम गलत संगती में पड़कर अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हो .तुम्हारे लिए यह समय अमूल्य है . इसको यदि गलत तरीके से बर्बाद कर दोगे ,तो जीवन में कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकोगे . माता पिता को तुमसे बड़ी बड़ी आशाएँ हैं ,उन्हें पूरा करना तुम्हारा कर्तव्य है . अतः आशा है कि तुम मेरी बात को गंभीरता को समझते हुए अच्छे मित्रों की संगती करोगे .  माता पिता को मेरा चरण स्पर्श कहना .

तुम्हारा भाई

रमेश  

HOPE it HELPS.....

 

 


 






Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions