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समाजीकरण की प्रक्रिया संबंध किस दिशा में है |
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Answer» समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जो नवजात शिशु को सामाजिक प्राणी बनाती है। इस प्रक्रिया के अभाव में व्यक्ति सामाजिक प्राणी नहीं बन सकता। इसी से सामाजिक व्यक्तित्व का विकास होता है। सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के तत्वों का परिचय भी इसी से प्राप्त होता है। सामाजीकरण से ने केवल मानव जीवन का प्रभाव अखण्ड तथा सतत रहता है, बल्कि इसी से मानवोचित गुणों का विकास होता है। और व्यक्ति सुसभ्य व सुसंस्कृत भी बनता है। संस्कृति का हस्तान्तरण भी समाजीकरण की प्रक्रिया द्वारा होता है। समाजीकरण की प्रक्रिया के बिना व्यक्ति सामाजिक गुणों को प्राप्त नहीं कर सकता है। अतः यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। समाजीकरण की प्रक्रिया में उन मानकों, मूल्यों और विश्वासों को प्राप्त किया जाता है, जिन्हें समाज में महत्त्व दिया जाता है। इस तरह यह सांस्कृतिक मूल्यों, प्राथमिकताओं और प्रतिमानों को बच्चों के व्यवहार में संक्रमित करने की प्रक्रिया है। यह विभिन्न प्रक्रियाओं, शैशिक संस्थाओं और लोगों द्वारा सम्पन्न होती है। |
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