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सिंहासन या व्याघ्रासन की स्थिति समझाएँ। |
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Answer» सिंहासन या व्याघ्रासन करते समय यदि सम्भव हो तो सूर्य की ओर मुख करके वज्रासन में बैठकर घुटनों को थोड़ा खोलकर रखें। हाथों की अंगुलियाँ पीछे की ओर करके पैरों के बीच सीधी रखें। श्वास अन्दर भरकर जिह्वा को बाहर निकालें। सामने देखते हुए श्वास को बाहर निकालते हुए सिंहवत् गर्जना कीजिए। यह क्रिया 3-4 बार करनी चाहिए। |
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