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सहकारी भूमि विकास बैंक पर टिप्पणी लिखिए। |
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Answer» भूमि सुधार, पुराने ऋणों को चुकाने एवं सिंचाई की सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए किसानों को ब्याज पर दीर्घावधि ऋण जुटाने हेतु सहकारी भूमि विकास बैंकों की स्थापना की गयी है। प्रारम्भ में इनका नाम ‘भूमि बन्धक बैंक’ था। सहकारी भूमि विकास बैंक भी निम्नलिखित दो प्रकार के हैं ⦁ केन्द्रीय भूमि विकास बैंक – ये राज्य स्तर पर होते हैं। ये बैंक ऋण-पत्र जारी करते हैं। वर्तमान में इनकी संख्या 1,707 है। ⦁ प्राथमिक भूमि विकास बैंक – ये बैंक गाँवों में कार्यरत् हैं जो किसानों को पम्पिंग सेट खरीदने, बिजली लगाने, भारी कृषि-यन्त्र खरीदने तथा गिरवी भूमि को छुड़ाने के लिए दीर्घकालीन ऋण देते हैं। ये बैंक किसानों की भूमि रेहन (गिरवी) रखकर उन्हें ऋण देते हैं। इस प्रकार इन बैंकों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है। |
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