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सही या गलत बताइए ।‘घर की याद’ कविता भवानी प्रसाद मिश्र की नहीं है।कवि चार बहन और एक भाई हैं ।‘हाय रे परिताप के घर’ कवि बहन के घर आने पर ऐसा कहता है ।बरसात के कारण कवि को अपने घर की याद आती है ।कवि को माँ का पत्र इसलिए नहीं मिल पाता, क्योंकि वह अनपढ़ हैं, निरक्षर होने के कारण वह पन भी नहीं लिख सकती ।पिता को भवानी से बहुत लगाव नहीं था ।कवि स्वयं को अभागा कहता है, क्योंकि वह परिवार के सदस्यों, भाइयों, बहनों और वृद्ध माता-पिता के सांनिध्य से दूर है ।पिता अपने बेटों को सोने के समान तथा पाँचयें को सुहागा मानते हैं ।भवानी के पिता देशभक्त थे, वह ब्रिटिश सत्ता को खत्म करना चाहते थे ।माँ पिताजी को समझाती है कि भवानी तुम्हारे ही आदर्शों पर चलकर जेल गया है, तुम भी भारतमाता को परतंत्र नहीं देख्न सकते हो, वह भीअंग्रेजी शासन का विरोध करते हुए जेल गया है, यह आपकी ही तो परंपरा है ।भवानी का जीवन सुखमय है, क्योंकि वह घर से दूर है ।कवि सावन से कहता है कि तुम चाहे जितना बरस लो, लेकिन ऐसा कुछ करो कि मेरे माता-पिता मेरे लिए तरसें तथा आँसू बहाएँ ।कवि जेल में लिखता है, पढ़ता है, काम करता है, सूत कातता है तथा खेलता-कूदता है, इस प्रकार कवि दुखों का डटकर मुकाबला करता है। |
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