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Answer» सारणी पर से दी गई सूचनाओं का अधिक अर्थपूर्ण रीति से प्रस्तुत करके आवश्यक निर्णय सरलता से विश्लेषण किया जा सके| इसलिए कुछ सामान्य नियम निम्नानुसार है : - सारणी का शीर्षक अध्ययन के अनुकूल होना चाहिए ।
- सारणी में आनेवाला स्तंभ और पंक्ति का शीर्षक स्पष्ट और सरल होना चाहिए ।
- यदि संख्याएँ वड़ी हो तो उसे सो, हजार, लाख या करोड़ में लिखना चाहिए ।
- तुलना करने के लिए संबंधित सूचना का कोलम पास-पास रखना चाहिए ।
- मख्य विभागों तथा उपविभागों की संख्या आवश्यकतानुसार लेनी चाहिए ।
- मुख्य गुणधर्मों अलग दर्शाने के लिए योग्य रेखांकन करना चाहिए ।
- मुख्य और गौण गुणधर्मों को दर्शाते हुए कोलम में योग का कोलम रखना चाहिए ।
- सारणी के अंत में सूचना का स्रोत का उल्लेख करना चाहिए ।
- पक्की सारणी तैयार करने से पूर्व कच्ची सारणी तैयार करना अनुकूल रहता है ।
- सारणी की रचना पश्चात् एक बार उसकी उलट जाच कर लेना चाहिए ।
- प्रत्येक सारणी के खाने के शीर्षक पर सूचना की इकाईयों का निर्देश करना चाहिए ।
- एक ही सारणी में अनेक प्रकार की जानकारी को समाविष्ट नहीं करना चाहिए । यदि आवश्यक हो तो अधिक जानकारी के लिए अलग अलग सारणी बनाना चाहिए ।
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