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सामाजिक विषमता व्यक्तियों की विषमता से कैसे भिन्न है?

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व्यक्तिगत असमानता से तात्पर्य व्यक्तियों में मानसिक तथा शारीरिक विशेषताओं में विचलन तथा विध्वंस से है। सामाजिक असमानता का अर्थ उस सामाजिक व्यवस्था से है, जहाँ कुछ लोग संसाधनों के द्वारा विभिन्न अवसरों का लाभ उठाते हैं, जबकि कुछ लोग इससे वंचित रह जाते हैं। संपत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अवस्था के मामलों में कुछ लोगों का स्तर बहुत ऊँचा है, जबकि कुछ लोगों का बहुत ही निम्न स्थान है। कुछ विषमताएँ निम्नलिखित रूपों में भी प्रकट होती हैं

(i) सामाजिक स्तरीकरण
(ii) पूर्वाग्रह
(iii) रूढ़िवादिता
(iv) भेदभाव



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