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साझेदार की निवृत्ति या मृत्यु के समय पेढ़ी की बही में कौन-सी महत्त्वपूर्ण हिसाबी बातों को ध्यान में लिया जाता है ?

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जब साझेदारी पेढी में से कोई एक साझेदार निवृत्त हो या उसकी मृत्यु हो तो शेष साझेदार पेढ़ी का संचालन चालु रखते है तब साझेदार की निवृत्ति या उसकी मृत्यु की हिसाबी असरें दी जाती है उन हिसाबी असरों में निम्न बातों का समावेश होता है ।

  • साझेदारों द्वारा एकत्रित किए गए लाभ या अनामतो का वितरण किया जाता है यदि एकत्रित हानि हो तो भी उसका वितरण किया जाता है।
  • साझेदारी पेढ़ी की बही में दर्शायी गई मिलकतों और दायित्वों का पुनः मूल्यांकन करना होता है ।
  • साझेदारों के नये लाभ-हानि वितरण का अनुपात तथा चालु शेष साझेदारों को मिलनेवाले लाभ के अनुपात की गणना की जाती है।
  • साझेदारी पेढ़ी की ख्याति की रकम निश्चित करना तथा उसकी योग्य हिसाबी असरो को दर्शाना ।
  • हिसाबी तारीख से साझेदार की निवृत्ति या मृत्यु की तारीख तक के पेढ़ी के लाभ की गणना करना उसमें से निवृत्त होने वाले
    साझेदार का हिस्सा निश्चित करना ।
  • साझेदारी पेढ़ी में से निवृत्त साझेदार द्वारा लेनी निकलने वाली रकम की गणना करना और उसकी योग्य व्यवस्था करना ।


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