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Answer» रोगी के बिस्तर की मुख्य विशेषताएँ रुग्णावस्था में प्रायः व्यक्ति को एक लम्बी अवधि बिस्तर पर लेटकर व्यतीत करनी पड़ती है; अतः रोगी के लिए बिस्तर का अत्यधिक महत्त्व होता है। एक अच्छे एवं उपयुक्त बिस्तर की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित होनी चाहिए| (1) रोग के अनुकूल बिस्तर: रोग के अनुकूल बिस्तर से रोगी को अधिक सुविधाएँ एवं आराम मिलता है। उदाहरण के लिए-गठिया एवं हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए कम्बलों का बिस्तर अधिक उपयुक्त रहता है। (2) स्वच्छ बिस्तर: साफ-सुथरा एवं स्वच्छ बिस्तर हर प्रकार के रोगी के लिए लाभदायक रहता। है। बिस्तर की अधिकांश वस्तुएँ; जैसे-दरी, चादर व तकिए के गिलाफ आदि सूती कपड़े के होने चाहिए ताकि उन्हें अच्छी प्रकार गर्म पानी से धोकर साफ किया जा सके। रोगी के बिस्तर को प्रतिदिन तीव्र धूप में सुखाना चाहिए। ऐसा करने से खटमल आदि के होने का भय नहीं रहता है तथा अनेक प्रकार के अन्य कीटाणु भी नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार स्वच्छ एवं कीटाणुरहित बिस्तर शीघ्र स्वास्थ्य प्राप्त करने में रोगी की सहायता करता है। (3) आरामदायक बिस्तर: सलवटरहित कोमल बिस्तर रोगी को पर्याप्त आराम देता है; अतः समय-समय पर रोगी के बिस्तर से सलवटें दूर करते रहना चाहिए। (4) ऋतु के अनुकूल बिस्तर: ग्रीष्म ऋतु में रोगी को ओढ़ने के लिए महीन सूती चादर तथा शीत ऋतु में कम्बल अथवा लिहाफ देना सुविधाजनक रहता है। (5) प्रकाशएवं वायु की उचित व्यवस्था: रोगी का बिस्तर कमरे में ऐसी स्थिति में होना चाहिए कि प्रकाश एवं वायु उस पर सीधे न आएँ। ऐसा न होने पर रोगी कष्ट एवं बेचैनी का अनुभव कर सकता है।
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