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रिपोर्ताज से आप क्या समझते हैं ? इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। |
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Answer» ‘रिपोर्ट’ के कलात्मक एवं साहित्यिक रूप को ‘रिपोर्ताज’ कहते हैं। इसमें सम-सामयिक घटनाओं को उनके यथार्थ रूप में प्रस्तुत किया जाता है। रिपोर्ताज लेखक के लिए स्वयं घटना का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना आवश्यक होता है, इसमें कल्पना का कोई स्थान नहीं होता। इसका उपयोग पत्रकारिता के क्षेत्र में अधिक होता है। घटना का यथार्थ चित्रण, कुशल अभिव्यक्ति, प्रभावोत्पादकता आदि रिपोर्ताज की विशेषताएँ हैं । इस विधा का विकास छायावादोत्तर युग में हुआ है। |
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