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राष्ट्रीय एकता पर निबन्ध लिखें। |
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Answer» आज हमारा भारत देश स्वतंत्र है। इस स्वतंत्रता को पाने के लिए हम सभी भारतवासियों ने एकता के सूत्र में बंधकर ही प्रयास किया था। क्योंकि एकता में बहुत बड़ी ताकत होती है। अलग-अलग पाँच लकड़ियों को मिनटों में तोड़ा जा सकता है, परन्तु उन्हीं पाँच लकड़ियों के एक गढे को तोड़ना नामुमकिन है। यह है एकता की शक्ति। व्यक्ति-व्यक्ति में एकता, समाज-समाज में एकता जैसे होती है, वैसे ही ‘राष्ट्रीय-एकता’ की बहुत आवश्यकता है। बिना एकता के कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। बिना एकता के कोई संस्था अथवा संगठन भी खड़ा नहीं हो सकता। जिस देश में एकता नहीं होती है, वह कदापि विकास नहीं कर सकता, वह कदापि राष्ट्रोन्नति में सफल नहीं हो सकता। हमारे देश में करीब पाँच सौ वर्षों तक मुगलों ने और करीब दो सौ वर्षों तक अंग्रेजों ने राज्य किया। इसका कारण भी यही है कि हममें (भारतीयों में) उस समय एकता नहीं थी। उस अनेकता के कारण ही हम गुलाम रहे और हमने बहुत-कुछ खोया। जब हम जागृत हुए, हमारा सोया हुआ भारत जाग उठा और हमने एकता का महामंत्र फूंका तो नतीजा यह हुआ कि शत्रु भाग खड़े हुए। एकता से आजादी मिली, एकता से हमने विकास किया, एकता से हम आगे बढे और एकता से ही हम फिर विश्वगुरु बनने के लिए अग्रसर हैं। संगठन में शक्ति होती है, यह समझकर ही हम ‘राष्ट्रीय एकता’ के प्रहरी बने हुए हैं। |
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