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राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन के लिए अख़बार महत्त्वपूर्ण स्रोत क्यों है?

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राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन के स्रोतों में अख़बारों का महत्त्वपूर्ण स्थान है। उनसे हमें राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलती है।

⦁    अंग्रेजी एवं विभिन्न भारतीय भाषाओं में छपने वाले समकालीन समाचार-पत्रों में राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित सभी । घटनाओं का विवरण मिलता है।
⦁    समाचार-पत्रों से राष्ट्रीय आंदोलन के नेताओं के विषय में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
⦁    समाचार-पत्रों से राष्ट्रीय आंदोलन के प्रति ब्रिटिश सरकार के दृष्टिकोण का पता लगता है।
⦁    समाचार-पत्रों द्वारा महात्मा गाँधी की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी क्योंकि गाँधी जी से संबंधित समाचारों को विस्तृत रूप से प्रकाशित किया जाता था। अतः समाचार-पत्रों से विशेष रूप से महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन के विषय में महत्त्वपूर्ण सूचनाएँ उपलब्ध होती हैं।
⦁    समाचार-पत्रों से यह भी पता लगता है कि जनसामान्य की राष्ट्रीय आंदोलन तथा गाँधी जी के विषय में क्या धारणा थी।
⦁    समाचार-पत्रों से राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित महत्त्वपूर्ण घटनाओं एवं नेताओं के विषय में पक्ष और विपक्ष दोनों के विचार मिलते हैं।

अतः इनकी सहायता से राष्ट्रीय आंदोलन के निष्पक्ष अध्ययन में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलती है। किन्तु यह याद रखा जाना चाहिए कि समाचार-पत्रों में प्रकाशित विवरण अनेक पूर्वाग्रहों से युक्त थे। समाचार-पत्र प्रकाशित करनेवालों की अपनी राजनैतिक विचारधाराएँ थीं और विश्व के प्रति उनका अपना दृष्टिकोण था। उनके विचारों के आधार पर ही विभिन्न विषयों को प्रकाशित किया जाता था तथा घटनाओं की रिपोर्टिंग की जाती थी। इसलिए लंदन से प्रकाशित होनेवाले समाचार-पत्रों के विवरण भारतीय राष्ट्रवादी समाचार-पत्रों में छपनेवाले विवरणों के समान नहीं हो सकते थे।



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