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राजस्व किसे कहते हैं ? इसके महत्त्व को लिखिए। |
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Answer» राजस्व राजस्व सार्वजनिक वित्त अथवा लोक-सत्ताओं के आय-व्यय से सम्बन्धित बातों का अध्ययन है। डाल्टन के अनुसार, “राजस्व के अन्तर्गत लोक-सत्ताओं के आय-व्यय तथा उनके पारस्परिक समायोजन । और समन्वय का अध्ययन किया जाता है।” राजस्व का महत्त्व आज के युग में राज्यों एवं सरकारों के कार्यों में निरन्तर वृद्धि होती जा रही है; अतः सार्वजनिक राजस्व का महत्त्व भी बढ़ रहा है। सार्वजनिक राजस्व के महत्त्व को निम्नलिखित प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है – 1. आर्थिक विषमता को दूर करना – प्रत्येक देश की सरकार करों के माध्यम से देश की आर्थिक विषमता को कम करने का प्रयास करती है। सरकार धनी वर्ग पर अधिक कर लगाकर तथा करों से प्राप्त आय को निर्धनों के कल्याण के कार्यों पर व्यय करके राष्ट्रीय आय का समान वितरण करती है, जिससे समाज में धनी व निर्धन वर्ग में गहरी खाई न बन सके। 2. देश की आर्थिक विकास – आर्थिक नियोजन के माध्यम से देश का आर्थिक विकास किया जाता है। आर्थिक नियोजन को सफल बनाने के लिए ही राजस्व की आवश्यकता होती है। यदि सरकार के आय के स्रोत अधिक हैं और सरकार को आय निश्चित समय पर उचित मात्रा में प्राप्त होती रहती है तब सरकार आर्थिक नियोजन के द्वारा देश का आर्थिक विकास तीव्र गति से कर सकती है; अत: देश के आर्थिक विकास में राजस्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। 3. अधिकतम सामाजिक कल्याण – वह सरकार देश के नागरिकों का अधिक कल्याण कर सकती है, जिस देश की सरकार के आय के स्रोत अधिक होंगे तथा सरकार की आय अधिक होगी। सरकार सार्वजनिक राजस्व से प्राप्त आय को जनता के सामाजिक कल्याण पर व्यय करती है; अतः शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, मनोरंजन आदि की व्यवस्था के लिए सार्वजनिक आय का अधिक होना आवश्यक है। 4. उपभोग की हानिकारक वस्तुओं पर नियन्त्रण – सरकार करों की मात्रा में वृद्धि करके इस प्रकार की उपभोग की वस्तुओं के प्रयोग को हतोत्साहित कर सकती है, जिनका समाज पर कुप्रभाव पड़ता है; जैसे-शराब, गाँजा, अफीम आदि मादक पदार्थों पर अधिक कर लगाकर इनके उपभोग को कम किया जा सकता है। 5. आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन को प्रोत्साहन – आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उद्योगों को संरक्षण प्रदान करती है, उनके करों को समाप्त करती है। तथा उन्हें आर्थिक सहायता भी देती है। इससे उत्पादन तथा राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है। 6. देश में आर्थिक स्थिरता – सरकार राजस्व के द्वारा मन्दी और तेजी की अवस्था में देश को आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है। सरकार तेजी के समय अधिकं कर लगाकर या ऋण लेकर मूल्यों में स्थिरता लाने का प्रयास करती है तथा मन्दी के समय सार्वजनिक व्यय में वृद्धि करके क्रय-विक्रय को बढ़ाती है। 7. सामरिक क्षेत्र में महत्त्व – आज विश्व में अशान्ति के बादल मँडरा रहे हैं। प्रत्येक देश युद्ध के लिए नये-नये वैज्ञानिक अस्त्र-शस्त्र तैयार करने में लगा हुआ है। बाह्य आक्रमणों से देश की सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति व हथियारों पर व्यय करना आवश्यक है। आज वही सरकार सामरिक क्षेत्र में सबल है, जिसकी सार्वजनिक आय अधिक है; अतः राजस्व का महत्त्व आज और भी बढ़ गया है। |
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