| 1. |
पुस्तकालय पर निबन्ध लिखें। |
|
Answer» मनुष्य के जीवन में ज्ञान का बड़ा महत्व है। ज्ञान-प्राप्ति केवल स्कूल-कॉलेजों में ही नहीं, बल्कि पुस्तकालय में भी होती है। सचमुच पुस्तकालय पवित्र तीर्थस्थान है। यह एक सरस्वती का पावन मंदिर है। पुस्तकालय में साहित्य, विज्ञान, इतिहास, राजनीति, कला, दर्शनशास्त्र आदि अनेक विषयों की पुस्तकें होती हैं। उनमें कुछ संदर्भ ग्रंथ और शब्दकोश भी होते हैं। धनवान भी सभी विषयों की पुस्तकें नहीं खरीद सकता। समृद्ध पुस्तकालयों में दैनिक व साप्ताहिक समाचार-पत्र भी मंगाए जाते हैं। कोई भी व्यक्ति ऐसे सार्वजनिक पुस्तकालय से लाभ उठा सकता है। पुस्तकालय का सदस्य बन सकता है। पुस्तकें पढ़ने के लिए अपने घर भी ले जा सकता है। इस प्रकार मनुष्य पुस्तकालयों से ज्ञान-सागर में डुबकी लगा सकता है। जब भी समय मिले, तो पुस्तकालय में जाकर समय बिताना लाभकारी है। महान लेखकों की पुस्तकें पढ़ने और मनोरंजन करने, ज्ञान-विकास के लिए पुस्तकालय बड़े उपयोगी हैं। देश-विदेश का साहित्य पढ़ने से लोगों में जागृति होती है। पुस्तकालय समाज और देश के लिए हितकारी है। पुस्तकालय सबके लिए सुलभ हों, शुल्क कम हों, ताकि साधारण व्यक्ति भी उसका लाभ उठा सके। उसमें अच्छी पुस्तकों का संग्रह हो। पुस्तकालय दिनभर खुला हो। सचमुच पुस्तकालय ज्ञान का दीपक है। भारत के प्रत्येक गाँव में पुस्तकालय होने चाहिए। |
|