Saved Bookmarks
| 1. |
पुस्तकाचे आत्मवृत्त निबंध मराठी |
|
Answer» पानी आया… पानी आया… गरज रहे बादल घनघोर ठमक-ठमक कर नाचे मोर पी-पी रटने लगा पपीहा झन-झन-झन झींगुर का शोर दूर कहीं मेंढक टर्राया पानी आया… पानी आया… रिमझिम-रिमझिम बूंदें आईं खुशियों की सौगातें लाईं पेड़ों के पत्तों ने भरभर झूम-झूमकर तालियां बजाईं गर्मी का हो गया सफाया पानी आया… पानी आया… भीग रहे कुछ छाता ताने रानू-मोनू लगे नहाने छप-छप-छप-छप करते फिरते सपने जैसे हुए सयाने बच्चों का मन है हर्षायापानी आया… पानी आया…गरज रहे बादल घनघोरठमक-ठमक कर नाचे मोरपी-पी रटने लगा पपीहाझन-झन-झन झींगुर का शोरदूर कहीं मेंढक टर्रायापानी आया… पानी आया…रिमझिम-रिमझिम बूंदें आईंखुशियों की सौगातें लाईंपेड़ों के पत्तों ने भरभरझूम-झूमकर तालियां बजाईंगर्मी का हो गया सफायापानी आया… पानी आया…भीग रहे कुछ छाता तानेरानू-मोनू लगे नहानेछप-छप-छप-छप करते फिरतेसपने जैसे हुए सयानेबच्चों का मन है हर्षायापानी आया… पानी आया…गरज रहे बादल घनघोरठमक-ठमक कर नाचे मोरपी-पी रटने लगा पपीहाझन-झन-झन झींगुर का शोरदूर कहीं मेंढक टर्रायापानी आया… पानी आया…रिमझिम-रिमझिम बूंदें आईंखुशियों की सौगातें लाईंपेड़ों के पत्तों ने भरभरझूम-झूमकर तालियां बजाईंगर्मी का हो गया सफायापानी आया… पानी आया…भीग रहे कुछ छाता तानेरानू-मोनू लगे नहानेछप-छप-छप-छप करते फिरतेसपने जैसे हुए सयानेबच्चों का मन है हर्षायापानी आया… पानी आया…गरज रहे बादल घनघोरठमक-ठमक कर नाचे मोरपी-पी रटने लगा पपीहाझन-झन-झन झींगुर का शोरदूर कहीं मेंढक टर्रायापानी आया… पानी आया…रिमझिम-रिमझिम बूंदें आईंखुशियों की सौगातें लाईंपेड़ों के पत्तों ने भरभरझूम-झूमकर तालियां बजाईंगर्मी का हो गया सफायापानी आया… पानी आया…भीग रहे कुछ छाता तानेरानू-मोनू लगे नहानेछप-छप-छप-छप करते फिरतेसपने जैसे हुए सयाने
|
|