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Answer» पश्चिमी युरोप में साम्राज्यवाद (उपनिवेशवाद): - साम्राज्यवादी लालसा ने उनके पड़ोसी राष्ट्रों पर अधिकार जमाया था । जैसे स्पेन ने नेदरलैण्ड, बेल्जियम और लक्जमबर्ग पर अधिकार जमाया ।
- पूर्तगाल पर भी स्पेन ने अधिकार जमाया था ।
- इसी तरह फ्रांस और ऑस्ट्रिया की प्रदेश भूख के शिकार इटली तथा जर्मनी बने ।
एशिया में उपनिवेशवाद: - इंग्लैण्ड ने भारत, श्रीलंका, म्यानमार, सिंगापुर, मलाया आदि में साम्राज्य स्थापित किया ।
- इंग्लैण्ड ने अफीम युद्ध से चीन के पाँच बन्दरगाह प्राप्त कर लिये थे ।
- चीन की कमजोरी का फायदा लेकर जापान, रूस, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम और अमेरिका ने व्यापारिक, राजनैतिक अधिकार प्राप्त किये ।
- पश्चिमी एशिया में इंग्लैण्ड, जर्मनी, रूस और अमेरिका ने ईरान, इराक, कुवैत, सउदी अरब और बहेरीन में तेल कंपनियाँ स्थापित करके अपने हितों की सुरक्षा करने का प्रयास किया ।
अफ्रीका में उपनिवेशवाद: - पंद्रहवी सदी में सर्वप्रथम अफ्रिका के दक्षिण में डचो, फिर इंग्लैण्ड ने केप और फ्रांस ने उत्तरी अफ्रिका के अल्जीरिया में व्यापारिक केन्द्र स्थापित किया ।
- इंग्लैण्ड ने इजिप्त, पूर्व अफ्रीका के कई प्रदेश तथा दक्षिण अफ्रिका के देशों में राज्य स्थापित किया ।
- फ्रांस ने ट्युनिशिया, मोरक्को और पश्चिम अफ्रीका में अपना राज्य स्थापित किया ।
- इटली ने लालसागर के आसपास के क्षेत्रों पर कब्जा किया ।
- स्पेन, पूर्तगाल ने भी अफ्रीका के कुछ प्रदेशों पर कब्जा किया ।
- प्रादेशिक स्पर्धा के बीच बर्लिन में यूरोपियन राज्यों की एक परिषद 1984-85 में हुई । जिसमें अफ्रीका के अलग-अलग क्षेत्रों को बाँट लिया गया ।
- इसके अनुसार समस्त अफ्रीका में युरोप के विविध देशों का साम्राज्य स्थापित किया ।
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