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पर्यावरण के तेजी से हो रहे नुकसान से देशों की सुरक्षा को गम्भीर खतरा उत्पन्न हो गया है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? उदाहरण देते हुए तर्कों की पुष्टि करें। |
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Answer» सुरक्षा के अपारम्परिक खतरों में से एक प्रमुख खतरा पर्यावरण में बढ़ रहा प्रदूषण है। पर्यावरण प्रदूषण की प्रकृति वैश्विक है। इसके दुष्परिणामों की सीमा राष्ट्रीय नहीं है। वैश्विक पर्यावरण की समस्याओं से मानव जाति को सुरक्षा का खतरा उत्पन्न हो गया है। वैश्विक पर्यावरण की चुनौती निम्नलिखित कारणों से है- (1) कृषि योग्य भूमि, जलस्रोत तथा वायुमण्डल के प्रदूषण से खाद्य उत्पादन में कमी आई है तथा यह मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। वर्तमान में विकासशील देशों की लगभग एक अरब बीस करोड़ जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है। उपर्युक्त उदाहरण से स्पष्ट है कि पर्यावरण के नुकसान से देशों की सुरक्षा को गम्भीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इन खतरों का सामना सैन्य तैयारी से नहीं किया जा सकता। इसके लिए विश्व स्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। ज्ञातव्य है कि पर्यावरण की समस्या के समाधान के लिए वर्ष 1992 में ब्राजील में ‘पृथ्वी सम्मेलन’ आयोजित किया गया था जिसमें 170 देशों ने भाग लिया था। |
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