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परम्पराएं विकास के मार्ग में अवरोधक हों तो उन्हें तोड़ने में ही हित है। कैसे?अथवापरम्पराएं विकास के मार्ग में अवरोधक हों तो उन्हें तोड़ना ही चाहिए, कैसे ? ‘स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतों का खंडन’ पाठ के आधार पर उत्तर लिखिए। |
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Answer» किसी भी समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए परम्पराओं का निर्धारण किया जाता है। इससे समाज में एक व्यवस्था बनी रहती है। किन्तु जिस परम्परा से किसी को नुकसान हो, अकल्याण हो तो ऐसी परम्पराओं को बदलते समय के अनुसार तोड़ देना चाहिए। आज की मांग है स्त्रियों को शिक्षित करना। पहले के समय में पुरुषों को ही शिक्षा पाने का अधिकार था आज भी कुछ लोग इसके हिमायती हैं। स्त्रियों को शिक्षा से दूर रखने पर समाज और देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न होगी। अत: जो परम्पराएं विकास के मार्ग में अवरोधक हों उन्हें तोड़ देने में ही हित है। |
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