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Answer» विभिन्न विद्वानों ने प्रेरकों का वर्गीकरण निम्नवत् किया है 1. थॉमसन (Thomson) के अनुसार ⦁ स्वाभाविक प्रेरक तथा ⦁ कृत्रिम प्रेरक 2. गैरेट के अनुसार ⦁ जैविक व मनोवैज्ञानिक प्रेरक तथा ⦁ सामाजिक प्रेरक 3. मैस्लो (Maslow) के अनुसार ⦁ जन्मजात प्रेरक तथा ⦁ अर्जित प्रेरका प्रेरकों के मुख्य प्रकारों का संक्षिप्त परिचय निम्नलिखित हैं 1. जन्मजात प्रेरक : ये प्रेरक जन्मजात होते हैं। इसके अन्तर्गत भूख, प्यास, सुरक्षा, यौन आदि प्रेरक आते हैं। 2. अर्जित प्रेरक : ये प्रेरक वातावरण से प्राप्त होते हैं और इनको अर्जित किया जाता है। आदत्, रुचि, सामुदायिकता आदि अर्जित प्रेरकों के स्वरूप हैं। 3. सामाजिक प्रेरक : इनका व्यक्तियों के व्यवहार पर विशेष प्रभाव पड़ता है। ये मुख्य रूप से सामाजिक आदर्शो, स्थितियों तथा परम्पराओं के कारण उत्पन्न होते हैं। आत्म-प्रदर्शन, आत्म-सुरक्षा, जिज्ञासा तथा रचनात्मकता सामाजिक प्रेरक हैं। 4. मनोवैज्ञानिक प्रेरक : इनका जन्म प्रबल मनोवैज्ञानिक दशाओं के कारण होता है। इन प्रेरकों में प्रेम, दुःख, भय, क्रोध तथा आनन्द आते हैं। 5. स्वाभाविक प्रेरक : स्वाभाविक प्रेरक व्यक्ति के स्वभाव में ही पाये जाते हैं। खेल, सुझाव, अनुकरण, सुख प्राप्ति और प्रतिष्ठा आदि ऐसे ही प्रेरक हैं। 6. कृत्रिम प्रेरक : कृत्रिम प्रेरक मुख्यतया स्वभाविक प्रेरकों के पूरक के रूप में कार्य करते हैं। सहयोग, व्यक्तिगत तथा सामूहिक कार्य, पुरस्कार, दण्ड व प्रशंसा आदि इन प्रेरकों के रूप हैं। ये व्यक्ति के कार्य तथा व्यवहार को नियन्त्रित तथा प्रोत्साहित करते हैं।
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