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Answer» प्रावधान का महत्त्व निम्न है : - वर्ष के दरम्यान होनेवाले व्यवहारों की असर भविष्य की वित्तीय स्थिति पर न पड़े इसके लिये प्रावधान आवश्यक है ।
- भविष्य में संपत्ति के मूल्य में होनेवाली कमी के सामने प्रावधान न किया जाये तो धंधे की पूँजी खत्म हो जाने का जोखिम उपस्थित हो जाता है, जो प्रावधान के द्वारा रोका जा सकता है ।
- स्थिर संपत्ति का उपयोगी आयुष्य पूरा हो जाने के बाद भविष्य में उस संपत्ति को खरीदने के लिये प्रति वर्ष लाभ में से राशि अमुक भाग में बचायी गयी हो तब नयी संपत्ति खरीदते समय आवश्यक पूँजी आसानी से प्राप्त हो जाती है ।
- प्रावधान संबंधित वर्ष के संभवित खर्च, नुकसान और जिम्मेदारी के लिये रखा जाता है, यह राशि उस वर्ष की उपज में से रखा जाने से धंधे का सही लाभ या हानि जाना जा सकता है ।
- प्रावधान करने से पेढ़ी का सातत्य का अनुमान और दूरदर्शिता के सिद्धांत का अमल किया जा सकता है ।
- भविष्य की निश्चित जिम्मेदारी को अमुक वर्षों के दरम्यान प्रावधान करके समान भाग में बाँटा जा सकता है ।
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