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प्राथमिक व द्वितीयक आँकड़ों की विशेषताएँ बताइए।

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प्राथमिक व द्वितीयक आँकड़ों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

प्राथमिक आँकड़ों की विशेषताएँ

⦁    ये आँकड़े विस्तृत क्षेत्र और विस्तृत जानकारी के लिए उपयुक्त हैं।
⦁    इन आँकड़ों के अध्ययन में लचीलापन होता है।
⦁    इनके द्वारा गुप्त सूचनाएँ एकत्रित की जा सकती हैं।
⦁    ये आँकड़े विश्वसनीय होते हैं।
⦁    इन आँकड़ों को एकत्रित करने में समय व धन अपेक्षाकृत अधिक लगता है।
⦁    व्यवस्थित ढंग व पूर्ण निर्धारित उद्देश्य से संकलित ये आँकड़े उपयोगी होते हैं।
⦁    इन आँकड़ों का उपयोग करते समय विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती।

द्वितीयक आँकड़ों की विशेषताएँ

⦁    द्वितीयक आँकड़े मौलिक नहीं होते, क्योंकि अनुसन्धानकर्ता अन्य एजेन्सियों द्वारा एकत्रित आँकड़ों का प्रयोग करते हैं।
⦁    इन आँकड़ों के संकलन में समय, श्रम व धन अपेक्षाकृत कम लगता है।
⦁    ये आँकड़े उपयोगी हो भी सकते हैं और नहीं भी।
⦁    द्वितीयक आँकड़ों का प्रयोग अत्यन्त सावधानी से करना चाहिए।
⦁    विस्तृत क्षेत्र व विस्तृत जानकारी के लिए उपयुक्त नहीं है।
⦁    ये आँकड़े विश्वसनीय नहीं होते हैं।
⦁    इन आँकड़ों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।



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