1.

प्र.निम्न गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या करें। 4 यहकानिसटिबिल पहरा देते हैं ! तभी तुम बहुत जानते हो।अजी हजरत, यही चोरी कराते हैं। शहर के जितने चोर-डाकू हैं, सब इनसे मिले रहते हैं। रात को ये लोग चोरों से तोकहते हैं, चोरी करो और आप दूसरे मुहल्ले मे जाकरजागते रहो! जागते रहो! पुकारते हैं। तभी इन लोगों केपास इतने रूपये आते हैं।Your answer​

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