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पण्डित अलोपीदीन के व्यक्तित्व का परिचय दीजिए। |
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Answer» पंडित अलोपीदीन अपने इलाके के सबसे प्रतिष्ठित जमींदार थे। उनका लंबा-चौड़ा व्यापार था। वे बड़े चलते-पुरजे आदमी थे। अफसरों, अधिकारियों से लेकर हर छोटे-बड़े आदमी पर उनका एहसान था। अपने सजीले रथ पर सवार होकर चलना उनका शौक था। उनका लक्ष्मीजी पर अखंड विश्वास था। वे संसार ही नहीं स्वर्ग पर भी लक्ष्मी का राज्य होने की बात कहते थे। वे न्याय और नीति सबको लक्ष्मीजी के खिलौने मानते थे। लक्ष्मी के सामने वे सरकार और सरकारी आदेश को कोई महत्व नहीं देते। वे अपने प्रभाव के बल पर अदालत का न्याय भी अपने पक्ष में करवा सकते थे और कार्य सिद्ध होने पर स्वजन-बान्धवों को रुपये लुटाना उनका शौक था। |
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