1.

फागुन माह के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करते हुए एक लोक गीत लिखे ।

Answer» गीतों से भरे दिन फागुन के ये गाए जाने को जी करता!
ये बाँधे नहीं बँधते, बाँहें-
रह जातीं खुली की खुली,
ये तोले नहीं तुलते, इस पर
ये आँखें तुली की तुली,

ये कोयल के बोल उड़ा करते, इन्हें थामे हिया रहता!
अनगाए भी ये इतने मीठे
इन्हें गाएँ तो क्या गाएँ,
ये आते, ठहरते, चले जाते
इन्हें पाएँ तो क्या पाएँ
वन-वन में फागुन लगा, भाई रे 
पात पात फूल फूल डाल डाल
देता दिखाई रे 
अंग रंग से रंग गया आकाश गान गान निखिल उदास 
चल चंचल पल्लव दल मन मर्मर संग 
हेरी ये अवनी के रंग 
करते नभ का तप भंग 
क्षण-क्षण में कम्पित है मौन 
आई हँसी उसकी ये आई रे


Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions