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निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित शब्दों द्वारा कीजिए –⦁ मनोविज्ञान के विकास के प्रथम चरण में अध्ययन की मुख्य विधि …………………. ही थी।⦁ जब व्यक्ति अपनी मानसिक क्रियाओं को स्वयं अनुभव एवं विश्लेषण करता है, तो अध्ययन की यह विधि …………………. कहलाती है।⦁ मनोविज्ञान की अन्तर्दर्शन विधि को …………………. भी कहा जाता है।⦁ …………………. अध्ययन विधि का प्रमुख दोष आत्मगत परिणाम का होना है।⦁ अन्तर्दर्शन विधि को …………………. नहीं माना जा सकता।⦁ अन्तर्दर्शन विधि द्वारा प्राप्त होने वाली जानकारी सदैव …………………. ही होती है।⦁ एक अबोध बालक के व्यवहार के अध्ययन के लिए …………………. को नहीं अपनाया जा सकता।⦁ सम्बन्धित व्यक्ति के व्यवहार का प्रत्यक्ष अध्ययन करने वाली विधि को …………………. कहते हैं।⦁ छोटे बच्चों, असामान्य व्यक्तियों तथा पशुओं के व्यवहार के अध्ययन के लिए …………………. ही सर्वोत्तम घिधि मानी जाती है।⦁ सामान्य रूप से …………………. परिस्थितियों में निरीक्षण विधि द्वारा अध्ययन किया जाता है।⦁ निरीक्षणकर्ता की …………………. से निरीक्षण विधि द्वारा प्राप्त निष्कर्षों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।⦁ निरीक्षणकर्ता के पूर्वाग्रह निरीक्षण विधि द्वारा किये गये अध्ययन के निष्कर्षों पर …………………. प्रभाव डालते हैं।⦁ मनोविज्ञान के आधुनिक विद्वानों के अनुसार मनोविज्ञान की सर्वोत्तम अध्ययन विधि …………………. है।⦁ मनोविज्ञान की अध्ययन विधियों में सबसे अधिक वैज्ञानिक …………………. विधि है।⦁ मनोविज्ञान को विज्ञान का दर्जा दिलाने का श्रेय इसकी …………………. अध्ययन विधि का है।⦁ सामान्यत: चर …………………. और …………………. प्रकार के होते हैं।⦁ प्रहस्तन द्वारा जिस चर को घटा-बढ़ाकर व्यवहार पर उसका प्रभाव ज्ञात किया जाता है, उसे …………………. चर कहते हैं।⦁ मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला …………………. विश्वविद्यालय में …………………. द्वारा स्थापित की गई।⦁ 1879 में लिपजिंग में मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला की स्थापना …………………. ने की थी।⦁ प्रयोग विधि के माध्यम से अध्ययन करने के लिए सर्वप्रथम एक …………………. का निर्माण किया जाता है।⦁ असामान्य व्यवहार तथा मनोविकारों के कारणों को जानने के लिए …………………. विधि को अपनाया जाता है।⦁ निरीक्षण विधि की तुलना में नैदानिक विधि का क्षेत्र …………………. है।⦁ प्रयोगात्मक विधि एक वैज्ञानिक विधि है तथा अन्तर्दर्शन विधि …………………. है। |
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Answer» ⦁ अन्तर्दर्शन विधि |
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