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Answer» अपसारी तथा अभिसारी भूगर्भीय प्लेटों में अंतर | अपसारी भूगर्भीय प्लेटें | अभिसारी भूगर्भीय प्लेटें | | इनसे दरार घाटी तथा ब्लॉक पर्वतों का निर्माण होता है। | इस प्रक्रिया में वलित पर्वतों का निर्माण होता है। | | अपसारी भूगर्भीय प्लेट वह प्लेट है जो एक- भूगर्भीय प्लेट कहलाती है। | एक-दूसरे के निकट आने वाली भूगर्भीय प्लेट अभिसारी दूसरे से दूर जाती है। | | इन प्लेटों से भ्रंशन क्रिया होती है तथा धरातल पर वलय पड़ जाते हैं। | इस प्रकार की प्लेटों से वलन प्रक्रिया होती है तथा धरातल | पर भ्रंश पड़ जाते हैं। |
बांगर व खादर में अंतर | बांगर | खादेर | | बांगर पुरानी जलोढ़ मृदा होती है। | नई जलोढ़ मृदा को खादर कहा जाता है। | | यह मृदा नदी के बेसिन से दूर पाई जाती है। | यह मृदा नदी के बेसिन के पास पाई जाती है। | | यह भूमि कम उपजाऊ होती है तथा खेती के जाती है। | यह मृदा बहुत उर्वर होती है तथा कृषि के लिए आदर्श मानी लिए आदर्श नहीं है। |
पूर्वी एवं पश्चिमी घाट में अंतर | पूर्वी घाट | पश्चिमी घाट | | यह बंगाल की खाड़ी के समानांतर स्थित है। | यह अरब सागर के समानांतर स्थित है। | | इसकी सबसे अधिक ऊँची पहाड़ियों में बेट्टा शामिल हैं। | इसकी सबसे अधिक ऊँची चोटियों में अनाई मुडी एवं डोडा महेन्द्रगिरि व जवादी शामिल हैं। | | पूर्वी घाट प्रायद्वीपीय भारत की पूर्वी भुजा का निर्माण करता है। | पश्चिमी घाट प्रायद्वीपीय भारत की पश्चिमी भुजा का निर्माण करता है। | | इस घाट की ढलानों पर वर्षा कम है। | इस घाट की पश्चिमी ढलानों पर पूर्वी घाट की अपेक्षा वर्षा कम होती है। | | पूर्वी घाट कोरोमंडल तट के समानांतर है। | पश्चिमी घाट मालाबार तट के समानांतर है। | | पूर्वी घाट सतत् नहीं है व अनियमित है। बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों ने जा सकता है। | यह सतत् है तथा इसको केवल दरों के द्वारा ही पार किया इसको काट दिया है |
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