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निम्नलिखित के बारे में लिखिए- चंडी चरित्र, विचित्र नाटक, पाँचककार

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चंडी-चरित्र – यह गुरु गोविन्द सिंह द्वारा रचित वीररस का सुन्दर काव्य है। गुरु ने इसके माध्यम से शिष्यों में अदम्य साहस और वीरता का संचार किया।

विचित्र नाटक – गुरु गोविन्द सिंह द्वारा रचित इस नाटक के द्वारा लोगों में उत्साह भरने की चेष्टा की गई। इसमें गुरु ने लिखा है, “तुम हमारे पुत्रों के समान हो, नया पंथ चलाओ। लोगों से कहो कि, सत्यमार्ग पर चलकर नासमझी से दूर रहें।”



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