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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए - हम आकाश का वर्णन करते हैं, पृथ्वी का वर्णन करते हैं, जलाशयों का वर्णन करते हैं, पर कीचड़ का वर्णन कभी किसी ने किया है? कीचड़ में पैर डालना कोई पसंद नहीं करता है, कीचड़ से शरीर गन्दा होता है, कपडे मैले हो जाते हैं। अपने शरीर पर कीचड़ उड़े यह किसी को अच्छा नहीं लगता और इसलिए कीचड़ किसी को सहानुभूति नहीं होती। यह सब यथार्थ है किन्तु तटस्थ्ता से सोचें तो हम देखेंगे कि कीचड़ में कुछ कम सौंदर्य नहीं है। पहले तो यह की कीचड़ का रंग बहुत सुन्दर है। पुस्तकों के गत्तों पर, घरों की दीवालों पर अथवा शरीर के कीमती कपड़ों के लिए हम सब कीचड़ के जैसे रंग पसंद करते हैं। कलाभिज्ञ लोगों की भट्टी में पकाये हुए मिट्टी के बर्तनों के लिए यही रंग बहुत पसंद है। फोटो लेते समय भी यदि उसमें कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रंग आ जाए तो उसे वार्मटोन कहकर विज्ञ लोग खुश हो जाते हैं। पर लो, कीचड़ का नाम लेते ही सब बिगड़ जाता है। (क) हम प्रकृति के किन रूपों का प्रायः वर्णन करते हैं? (ख) लोग कीचड़ को पसंद क्यों नहीं करते? (ग) कीचड़ का रंग कहाँ-कहाँ पसंद किया जाता है? |
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Answer» (क) हम प्रकृति के सुंदर रूपों आकाश, पृथ्वी, जालशयों आदि का प्रायः वर्णन करते हैं। (ख) लोग कीचड़ को पसंद इसलिए नहीं करते क्योंकि इससे शरीर गन्दा होता है, कपडे मैले हो जाते हैं। (ग) कीचड़ का रंग पुस्तकों के गत्तों पर, घरों की दीवालों पर और शरीर के कीमती कपड़ों के लिए पसंद किया जाता है। कलाभिज्ञ लोगों की भट्टी में पकाये हुए मिट्टी के बर्तनों के लिए कीचड़ का रंग बहुत पसंद है। |
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