1.

निम्न लिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से चुनकर लिखिए।सिद्धार्थ की बातें सुनकर देवदत्त को बड़ा गुस्सा आया। तुरंत राजदरबार में जाकर अपने चाचा शुद्धोधन से बोला – “सिद्धार्थ ने मेरा हंस ले लिया है। मुझे नहीं दे रहा है। कृपा करके मेरा हंस मुझे दिलवा दीजिए।” इतने में ही सिद्धार्थ भी हंस को छाती से चिपकाये हुए वहाँ आ पहुँचे। तब वे बोले – “ठीक है, मुझे न्याय चाहिए। मैं ने हंस को बचाया है, इसलिए वह मेरा है। मैं उसे देवदत्त को कभी नहीं दूंगा।” दोनों की बात सुनकर शुद्धोधन ने कहा – “हाँ, प्राण – घातक की अपेक्षा प्राण – रक्षक का स्थान ऊँचा है। अंत में हिंसा की हार होती है। इसलिए मेरे विचार में इस पक्षी पर सिद्धार्थ का ही अधिकार है। सिद्धार्थ, यह हंस तुम्हारा हुआ।”प्रश्न :1. सिद्धार्थ की बातें सुनकर किसे बड़ा गुस्सा आया?A) देवदत्त कोB) शुद्धोदन कोC) मित्र कोD) इन सबको2. अंत में किसकी हार होती है?A) अहिंसाB) न्यायC) अन्यायD) हिंसा3. देवदत्त का चाचा कौन है?A) सिद्धार्थB) शुद्धोदनC) गौतमD) रंतिदेव4. प्राण घातक की अपेक्षा किसका स्थान ऊँचा है ?A) प्राण रक्षकB) दंड देनेवालेC) भगवानD) राजा5. “ठीक है, मुझे न्याय चाहिए। मैं ने हंस को बचाया है, इसलिए वह मेरा है। मैं इस देवदत्त को कभी नहीं दूंगा।” यह वाक्य किसने कहा?A) शुद्धोधनB) राजाC) देवदत्तD) सिद्धार्थ

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  1. A) देवदत्त को
  2. D) हिंसा
  3. B) शुद्धोदन
  4. A) प्राण रक्षक
  5. D) सिद्धार्थ


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