वह निरंतर गतिमान है और ना ही बिता हुआ एक पल भी लौटाया जा सकता हैं. जिसने समय की कद्र नहीं की, उसके पास पछताने के सिवाय के कोई विकल्प नहीं रहता हैं. यही वजह है कि संसार में सबसे अधिक कीमती समय को ही माना हैं. ... एक तरह से समय के सदुपयोग को अधिकार माना जाए तो निश्चय ही इसका सभी को उपयोग करना चाहिए.