1.

‘नैने नीर युत दमक उठे’ का भाव स्पष्ट कीजिए।

Answer»

कवयित्री बचपन में जब कभी रोती-मचलती थी तो घर के सभी लोग उसे बहलाने में लग जाते थे। उसके दादा भी उसे बहलाने के लिए गोद में लेकर आकाश में चंद्रमा दिखाया करते थे। तब कवयित्री की आँसुओं से भरी आँचों प्रसन्नता से दमकने लगती थीं। वह मुस्कराने लगती थी।



Discussion

No Comment Found