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मोहन और सोहन 3:1 अनुपात में साझेदार थे और उन्होंने साझेदारी भंग करने का निश्चय किया। संपत्ति से 75000 रूपए बसूल हुए।देनदारियां इस प्रकार थी: विविध देनदार 45000 रूपए,मोहन से ऋण 20000 रूपए।पूंजी लेखे: मोहन 10000 रूपए और सोहन 15000 रुपए। खाते बनाते हुए यह बताइए कि वसूल की हुई रोकाद कैसे वितरण की गई |
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Answer» सॉरी मुझे नहीं पता सर |
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