|
Answer» ई.स. 1922 में सर जॉन मार्शल और कर्जन मेक के मार्गदर्शन के अधीन रखालदास बेनर्जी और दयाराम सहानी नामक भारतीय पुरातत्त्वविदों ने सिंध में खुदाई के आधार पर निम्नानुसार नगर के तत्त्व पाए जाते है । (1) मार्ग: - इस नगर की रचना का विशिष्ट लक्षण यहाँ के मार्ग है ।
- यहाँ के मार्ग 9.75 मीटर चोड़े थे ।
- छोटे-बड़े मार्गों समकोण पर मिलते थे ।
- एक से अधिक वाहन गुजरे इतने चौड़े थे ।
- रास्ते के आसपास रात्रि प्रकाश के लिए खंभे होते है ।
- नगर के मार्ग सीधे और चौड़े होते थे, कहीं भी मोड़ नहीं थे ।
- दो राजमार्ग होते है । एक मार्ग उत्तर से दक्षिण और दूसरा पश्चिम की तरफ जाता है । दोनों मार्ग मध्य में समकोण पर मिलती है ।
(2) गटर योजना: गटर योजना इस नगर की विशिष्टता रही है । - यह गटर योजना समकालीन सभ्यताओं में भूमध्य सागर के क्रीट नगर के अलावा कहीं नहीं थी ।
- नगर में से गंदा पानी के निकास के गटर बनाए जाते है ।
- प्रत्येक मकान में एक खार कुआ होता था ।
- ऐसी सुव्यवस्थित गटर योजना से लगता है कि उस समय सफाई की कार्यक्षम व्यवस्था होती थी ।
- इसको देखकर लगता है कि उस समय प्रजा के स्वास्थ्य और सफाई का कितना ध्यान रखा जाता था ।
|