Saved Bookmarks
| 1. |
“मजदूरी और फकीरी का अन्योन्याश्रित संबंध है’ तर्क सहित स्पष्ट कीजिए। |
|
Answer» मनुष्य की विविध कामनाएँ उसको स्वार्थ के वशीभूत कर घुमाती रहती हैं। परन्तु उसका जीवन आध्यात्मिक सौरमण्डल की चाल है। अंतत: यह चाल जीवन का परमार्थ रूप है। यहाँ स्वार्थ का अभाव है। जब स्वार्थ कोई वस्तु है ही नहीं तब निष्काम और कामनापूर्ण कर्म करना दोनों ही एक बात हैं। उनमें कोई अन्तर नहीं है। अत: मजदूरी और फकीरी का अन्योन्याश्रय संबंध है। |
|