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“मियाँ, कहीं अखबारनवीस तो नहीं हो ? यह तो खोडियों की खुराफ़ात है’ – अखबार की भूमिका को देखते हुए इस पर टिप्पणी करें।

Answer»

पत्रकारिता के बारे में मियाँ नसीरुद्दीन के विचार दो प्रकार से समझे जा सकते हैं। पहला पक्ष सकारात्मक अर्थ में समझा जा सकता है, जिसमें अखबार की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । इसमें आविष्कारों और सूचनाओं से जनता को अवगत कराया जाता है और इससे प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। नये तथ्य और सत्य सामने आते हैं।

लोगों में जागरूकता बढ़ती है। दूसरे पक्ष को नकारात्मक अर्थ में समझा जा सकता है, जिसमें खबरों में बढ़ा-चढ़ाकर लोगों तक पहुँचाया जाता है। सनसनी तथा खलबली फैलानेवाले समाचारों को छापा जाता है। जिसमें उनकी लोकप्रियता बढ़े तथा अच्छी बिक्री हो। मगर कई बार सनसनीखेज समाचारों से समाज में अंधाधुंधी और अराजकता फैल जाती है।



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