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Answer» ⦁ कृषि एवं पशुपालन : मेसोपाटामिया के अधिकांश नागरिक कृषि कार्य करते थे। कृषि के लिए यहाँ की मिट्टी उपजाऊ थी। खेतों की सिंचाई के लिए नहर और तालाब बनाए गए थे। पशुपालन भी होता था। लोग भेड़-बकरियाँ पालते थे। इनसे दूध व ऊन प्राप्त होता था। ⦁ उद्योग : धन्धे-मेसोपोटामिया के निवासी सन और भेड़ के बाल से कपड़े तैयार करते थे। सूत कातना, कपड़े बुनना व रँगना, मूर्तियाँ बनाना, चाँदी, सोने और लकड़ी के सामान तैयार करना आदि जीविका के अन्य साधून थे। ⦁ व्यापार : यहाँ के निवासी बड़े पैमाने पर विदेशी व्यापार करते थे। वे पत्थर, लकड़ी, सोना, चाँदी और अन्य धातुएँ विदेशों से मँगाते थे तथा उनके बदले में अनाज भेजते थे।
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