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मानवीय सम्बन्धों पर औद्यौगीकरण के कारण पड़ने वाले प्रभावों का वर्णन कीजिएयाभारतीय समाज पर औद्योगीकरण के प्रभावों का वर्णन कीजिए।

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औद्योगिक गतिविधियों की गति एवं दर के बढ़ने की प्रक्रिया को औद्योगीकरण कहा जाता है। प्रत्यक्ष रूप से औद्योगीकरण एक आर्थिक-व्यावसायिक प्रक्रिया है, परन्तु इसके विभिन्न प्रभाव मानवीय/सामाजिक सम्बन्धों पर भी पड़ते हैं। औद्योगीकरण के परिणाम स्वरूप मानवीय सम्बन्धों एवं समाज पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं –

⦁    मानवीय सम्बन्ध औपचारिक हो जाते हैं।
⦁    आपसी सम्बन्ध वर्ग-भेद के आधार पर निर्धारित होते हैं।
⦁    उच्च वर्ग के लिए निम्न आर्थिक वर्ग के लोगों से एक प्रकार की सामाजिक दूरी बनाये रखते
⦁    समाज में वर्ग-संघर्षों में वृद्धि होती है तथा मानवीय सम्बन्ध तनावपूर्ण हो जाते हैं।
⦁    पारिवारिक एवं वैवाहिक सम्बन्ध भी परिवर्तित होते हैं। संयुक्त परिवार विघटित होते हैं तथा वैवाहिक सम्बन्धों में स्थायित्व घटता है।
⦁    औद्योगीकरण के प्रभाव से समाज में गतिशीलता में वृद्धि होती है।
⦁    औद्योगीकरण ने सामाजिक स्तरीकरण के नये प्रतिमान निर्धारित किये हैं।
⦁    सामाजिक नियन्त्रण के लिए औपचारिक अभिकरणों को प्राथमिकता दी जाने लगती है।
⦁    धार्मिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में परिवर्तन होता है।
⦁    भारतीय समाज में प्रचलित जाति-व्यवस्था के नियमों में शिथिलता आयी है।



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