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मालवीय जी चाहते थे कि गंगा की धारा को कहीं रोका न जाय क्योंकि गंगा केवल नदी नहीं बल्कि संस्कृति की धारा है। आज गंगा प्रदूषण की शिकार हो गयी है। सोचिए जिस दिन गंगा नहीं रहेगी उस दिन क्या होगा ? इस सम्बंध में अपने विचार व्यक्त कीजिए। |
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Answer» जिस दिन गंगा नहीं रहेगी वह दिन गंगा में आस्था रखने वाले लोगों के लिए प्रलय का दिन होगा। गंगा हमारी संस्कृति का हिस्सा है, गंगा नहीं तो हमारी संस्कृति नहीं। हिंदूधर्म छिन्न-भिन्न हो जाएगा। यही नहीं उत्तर भारत के जन-जीवन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। सारी अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो जाएगी, उद्योग मिट जाएँगे, कृषि उत्पादन दुष्प्रभावित होगा। गंगा का नहीं होना मतलब उत्तर भारत का पतन। जिस दिन गंगा नहीं होगी, उस दिन की कल्पना भी भयावह है। |
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