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माहिती संचार यह द्विमार्गी प्रक्रिया है । |
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Answer» यह विधान सत्य है । माहिती संचार प्रत्येक संचालन के स्तर में अस्तित्व रखता है । माहिती संचार से अंकुश एवं संकलन सरल बनता है । निर्धारित आयोजन के अनुसार कार्य करने में आनेवाली दुविधाओ को दूर करने का कार्य माहिती संचार का है । माहिती संचार से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच अच्छे सम्बन्ध एवं सम्बन्धों में सुधार देखने को मिलता है । माहिती संचार से कार्य में उत्साह नजर आता है । माहिती संचार के मुख्य तीन प्रकार है । (1) लिखित एवं मौखिक (2) वैधिक एवं अवैधिक (3) उर्ध्वगामी एवं निम्नगामी । इन तीनों माहिती संचार के प्रकारों में माहिती संचार की प्रक्रिया एक तरफ नहीं होती माहिती प्रदान करनी है । करनेवाले व्यक्ति को यह अवश्य ख्याल होना चाहिए की माहिती किसे प्रदान करनी है । जब तक माहिती प्रदान करने का पक्ष न हो तब तक माहिती का आदान प्रदान संभव ही नहीं चाहे फिर वह माहिती का कौन- सा भी प्रकार क्यों न हो । माहिती में माहिती देनेवाला पक्ष माहिती प्रदान करता है । तथा माहिती प्राप्त करनेवाला पक्ष प्राप्त माहिती को पढने का सुनने के पश्चात विचार करता है । उसका परिपालन करता है । माहिती में कोई सुधार करना हो तो उसका विचार करके माहिती में योग्य सुधार उसके अनुरुप परिपालन करता है । अत: माहिती संचार यह द्वि-मार्गी प्रक्रिया है । |
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