|
Answer» (I) माध्य माध्य के गुण माध्य के निम्नलिखित गुण हैं ⦁ सरल-इसकी गणना करना तथा इसे समझना बहुत सरल है। ⦁ प्रतिनिधि माध्य-यह श्रेणी की सभी इकाइयों पर आधारित होता है। ⦁ निश्चित मूल्य-माध्य का मूल्य सदा निश्चित रहता है। ⦁ स्थिर-यह स्थिर होता है। माध्य के दोष माध्य के निम्नलिखित दोष हैं ⦁ चरम मूल्यों का प्रभाव-माध्य पर चरम मूल्यों का अधिक प्रभाव होता है। ⦁ अप्रतिनिधि तथा अवास्तविक-माध्य वह मूल्य हो सकता है जो श्रेणी में उपस्थित न हो। ⦁ हास्यास्पद परिणाम-माध्य द्वारा कभी-कभी भ्रमात्मक तथा असंगत निष्कर्ष निकल आते हैं जो हास्यास्पद होते हैं। (II) माध्यिका माध्यिका के गुण माध्यिका के निम्नलिखित गुण हैं ⦁ सरल-माध्यिका को समझना और ज्ञात करना सरल है। ⦁ चरम मूल्यों का न्यूनतम प्रभाव-माध्यिका ज्ञात करने में श्रेणी के चरम मूल्यों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ⦁ आँकड़ों के अभाव में उपयुक्त-आँकड़ों का अभाव होने पर भी इसकी गणना की जा सकती है। ⦁ बिन्दुरेखीय प्रदर्शन-माध्यिका मूल्य को ग्राफ की सहायता से ज्ञात किया जा सकता है। माध्यिका के दोष माध्यिका के निम्नलिखित दोष हैं. ⦁ समंकों का क्रम-समंकों को क्रम में जमाने में अधिक समय लगता है। ⦁ चरम मूल्यों की उपेक्षा-इसमें चरम मूल्यों की उपेक्षा की गई है। ⦁ प्रतिनिधित्व का अभाव यह केवल संभावित माप होता है, वास्तविक नहीं। ⦁ अनियमित आँकड़ों के लिए उपयुक्त नहीं-यह अनियमित आँकड़ों के लिए उपयुक्त विधि नहीं है। (III) बहुलक बहुलक के गुण बहुलक के निम्नलिखित गुण हैं ⦁ सरल गणना- इसकी गणना बड़ी सरल है। ⦁ चरम मूल्यों का न्यूनतम प्रभाव- यह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता है। ⦁ सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व-यह श्रेणी का सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व करता है। ⦁ व्यावहारिक उपयोगिता- व्यवहार में बहुलक का काफी प्रयोग किया जाता है। बहुलक के दोष बहलक के निम्नलिखित दोष हैं ⦁ अनिश्चित माध्य-बहुलक सबसे अधिक अनिश्चित व अस्पष्ट माध्य है। ⦁ सभी मूल्यों पर आधारित नहीं-यह सभी मूल्यों पर आधारित नहीं होता है। ⦁ चरम मूल्यों की उपेक्षा-यह चरम मूल्यों की उपेक्षा करता है। ⦁ वर्ग विस्तार से प्रभावित-यह वर्ग विस्तार से प्रभावित होता है।
|